रामनगर। उत्तराखंड ने भारत के पहले एस्ट्रो टूर गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम के सफल समापन के साथ एस्ट्रो-टूरिज्म के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB), टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल (THSC) तथा स्टारस्केप्स एक्सपीरियंस के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम से राज्य के 400 से अधिक युवाओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
रामनगर में आयोजित भव्य समापन समारोह में प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में UTDB की अतिरिक्त निदेशक पूनम चंद, आईएचएम के प्राचार्य डॉ. संजय सिंह तथा मैरियट ग्रुप ऑफ होटल्स के गवर्निंग बोर्ड सदस्य दीप गुनावत सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत राज्यभर में 15 कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान की व्याख्या, दूरबीन संचालन, आतिथ्य प्रबंधन, पर्यटक संवाद कौशल और डार्क स्काई संरक्षण जैसे विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को एस्ट्रो-टूरिज्म क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक पूनम चंद ने कहा कि उत्तराखंड का स्वच्छ और तारों से भरा रात्रि आकाश राज्य की अनूठी पर्यटन संपदा है। उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ सतत पर्यटन को बढ़ावा देगी। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं को राज्य की ‘आसमानी विरासत के दूत’ बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह में पूनम चंद की स्मृति-आधारित फोटोबुक ‘ए क्वाइट स्टोरी’ का भी लोकार्पण किया गया। पुस्तक में प्रशिक्षण कार्यक्रम के यादगार क्षणों, प्रतिभागियों द्वारा खींची गई रात्रि आकाश की तस्वीरों तथा उत्तराखंड की खगोलीय धरोहर को दर्शाने वाली दुर्लभ एस्ट्रोफोटोग्राफी को शामिल किया गया है।
स्टारस्केप्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामाशीष रे ने कहा कि यह कार्यक्रम संरक्षण, सामुदायिक सशक्तिकरण और सतत पर्यटन का उत्कृष्ट उदाहरण है। वहीं, THSC के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विवेक शांडिल्य ने इसे कौशल विकास, रोजगार सृजन और डार्क स्काई संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।
उन्होंने बताया कि मास्टर ट्रेनर श्वेता ध्यानी, हेम शर्मा तथा उनकी टीम के प्रयासों से कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू किया जा सका। यह पहल उत्तराखंड को प्रकृति आधारित और अनुभवात्मक पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।




