देहरादून, : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून द्वारा आज शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटर संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से UKSSSC द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा से जुड़े नकल विरोधी कानून के तहत दर्ज अभियोग, छात्रों और कोचिंग संस्थानों पर इसके प्रभाव और आवश्यक सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई। एसएसपी देहरादून ने कोचिंग संचालकों से उनके और उनके संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के विचार और फीडबैक लिया। कुछ कोचिंग संस्थानों द्वारा अवांछनीय तत्वों के कारण कक्षाओं में व्यवधान और छात्रों पर दबाव बनाए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, एसएसपी ने सभी संचालकों को आश्वस्त किया कि वे भय मुक्त होकर नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन जारी रखें। एसएसपी ने UKSSSC परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र के फोटो आउट होने के मामले में दर्ज अभियोग की जानकारी साझा करते हुए बताया कि छात्र हितों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए अभियोग की विवेचना निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश को मामले की जांच सौंपी गई और टीम द्वारा 2 मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गोष्ठी में एसएसपी ने बताया कि शासन स्तर पर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है, जिसका कार्यक्षेत्र पूरे प्रदेश में है। एसआईटी की निगरानी मां0 उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। उन्होंने उपस्थित संचालकों को सूचित किया कि एसआईटी द्वारा जल्द ही ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर जारी किए जाएंगे, ताकि कोई भी छात्र, अभ्यर्थी या अन्य व्यक्ति मामले की जानकारी साझा कर सके।
इसके अलावा, एसएसपी ने राज्य में लागू सख्त नकल विरोधी कानून के प्रावधानों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी और सभी को अपने संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को इस कानून से अवगत कराने का निर्देश दिया। गोष्ठी में एसएसपी के सुझावों और साझा की गई जानकारियों का सभी कोचिंग संचालकों ने स्वागत किया और इसे आवश्यक और सकारात्मक कदम बताया।





