देहरादून।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और 1952 से चली आ रही परंपरा को नई तकनीक के संगम से जीवंत करने के लिए “भव्य रामलीला महोत्सव 2025” का आयोजन इस वर्ष देहरादून स्थित श्री गुरुनानक मैदान, रेसकोर्स में 22 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति द्वारा “भव्य रामलीला महोत्सव 2025” की ऐतिहासिक पुस्तिका का विमोचन वरिष्ठतम कलाकार एवं संरक्षक मंडल सदस्य श्री बछेंद्र कुमार पांडेय ने किया। इस स्मारिका में 1952 से पुरानी टिहरी से शुरू हुई रामलीला की परंपरा से लेकर वर्तमान तक का पूरा इतिहास संजोया गया है।
समिति अध्यक्ष अभिनव थापर ने बताया कि 2024 की रामलीला को 55 लाख दर्शकों ने देखा था, जबकि इस वर्ष डिजिटल लाइव टेलीकेस्ट सिस्टम और लेजर–साउंड शो के माध्यम से इसे 75 लाख से अधिक दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी है। उन्होंने कहा – “यह केवल मंचन नहीं बल्कि गढ़वाल की ऐतिहासिक राजधानी टिहरी की सांस्कृतिक आत्मा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।”
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ :
19 सितम्बर से भव्य मेला का शुभारंभ
20 सितम्बर को घंटाघर से रेसकोर्स तक कलश यात्रा
22 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक रामलीला मंचन
2 अक्टूबर को रावण, कुम्भकर्ण, मेघनाथ और लंका दहन का पारंपरिक आयोजन
विशेष भजन संध्या और उत्तराखंड की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
रामलीला में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों के साथ गढ़वाली फिल्मों की चर्चित गायिकाएँ बबली सकलानी, कंचन भंडारी और पूनम सकलानी भी अपनी प्रस्तुति देंगी।
संरक्षक बछेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि यह रामलीला स्मृति और आधुनिकता का संगम होगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का काम करेगी।
उल्लेखनीय है कि यह पहली बार होगा जब उत्तराखंड की रामलीला को डिजिटल तकनीक के माध्यम से करोड़ों की आबादी तक पहुँचाया जाएगा। संस्कृति और तकनीक का यह अद्भुत संगम न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय होगा।प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से उपस्थित रहे अध्यक्ष अभिनव थापर, सचिव अमित पंत, नई फर्म फर्म कमेटी के अध्यक्ष लेबल नौडियाल, बेयर पेनपुली, दुर्गा भट्ट, अजय पैनपुली, शशि पैनपुली, पूर्णिमा सकलानी, कंचन भंडारी, गंगा डोगरा, अमित बहुगुणा, तपेंद्र चौहान, शिवम गिरी, आदि ने भाग लिया।




