चमोली
प्रदेश मे भारी बारिश और बदल फटने का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है। बुधवार रात को चमोली जिले के नंदानगर में बादल फट गया जिसमे 5 लोग लापता बताये जा रहे हैं। वहीं 2 लोग घायल हैं।
राज्य आपदा परिचालन केंद्र के अनुसार नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुन्तरि लगाफाली में भारी वर्षा के कारण मलबा आने से 06 भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना में 08 लोगों के लापता होने की सूचना है। 02 लोग घायल हैं और उन्हे बचा लिया गया है। नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी भारी वर्षा के कारण 4-5 भवनों की क्षति की सूचना प्राप्त हुई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार तहसील घाट नंदानगर में अतिवृष्टि से कुल 10 लोगो के लापता की सूचना है जिसमें कुंतरी लगा फाली में 8 और धुरमा में 2 लोग लापता होने की सूचना है। ग्राम कुंतरी लगा फाली में
कुंवर सिंह s/बलवंत सिंह (उम्र लगभग 42), कांता देवी पत्नी कुंवर सिंह (38), विकास और विशाल पुत्र कुंवर सिंह (उम्र दोनों की 10 वर्ष),
नरेन्द्र सिंह s/o कुताल सिँह (40),
जगदम्बा प्रसाद पुत्र ख्याली राम(70), भागा देवी पत्नी जगदम्बा प्रसाद (65), देवेश्वरी देवी पत्नी दिलबर सिंह (65) तहसील घाट नंदानगर के गाँव धुरमा में 2 लोगों के लापता होने की सूचना है। गुमान सिंह पुत्र चन्द्र सिंह (उम्र75), ममता देवी पत्नी विक्रम सिंह (उम्र 38)। मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन की तरफ से अभी तक घटना के बारे में पुष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
दूसरी ओर बांजबगड़, मोख धुर्मा आदि क्षेत्रों में बादल फटने से हर तरह तबाही का खौफनाक मंजर पसरा हुआ है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संदीप तिवारी तक किसी तरह सूचना पहुंचा कर अपने स्तर से स्थिति का आकलन कर राहत पहुंचाने की अपील की है। प्रारंभिक खबरों में बताया गया है कि पूरे इलाके में भारी तबाही हुई है।
मोक्ष नदी के किनारे बसे सेरा गांव में सर्वाधिक नुकसान की खबर है। सेरा गांव में बीती 8 जुलाई को भी भारी तबाही हुई थी। तब से किसी तरह जीवन पटरी पर लौट रहा था लेकिन 17 सितम्बर को दोबारा आई भीषण आपदा ने सब कुछ तबाह कर दिया। सेरा के लोगों पर प्रकृति की मार के बाद यह महामार पड़ी है।
बताया जाता है कि सेरा में महिपाल सिंह, अवतार सिंह, पुष्कर के आवासीय भवन खतरे की जद में हैं। खेत खलिहान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सेरा में सबसे पहले महिपाल सिंह का बाथरूम बहा। यह घर के कोने में बना था। उसके बाद मोक्ष नदी का जल घर में घुस गया। इस कारण घर पूरी तरह खतरे की जद में है। उसके बगल के अवतार सिंह और पुष्कर सिंह के घर भी खतरे में आ गए। रात को किसी तरह भाग कर लोगों ने जान बचाई। सेरा से ऊपर पहाड़ी पर बसे धुर्मा गांव में भी बादल फटने से कई आवासीय भवन असुरक्षित हो गए हैं जबकि गांव के ही बागड़ टॉप में कई दुकानें और मकान बह गए हैं। बताया जा रहा है कि बागड़ बस्ती के ऊपर से बादल पटने के कारण भारी मलबा आने से नदी ने रास्ता बदला से सेरा गांव में घरों को नुकसान पहुंचाया।
नंदानगर के कुंतरी, फफाली बांजबगड़ में भी भारी तबाही की खबर है। वहां कई घर मलबा आने से दब से गए हैं। बादल फटते ही लोग जंगलों की ओर भागे। अभी तक जनहानि के बारे में कोई जानकारी नहीं है किंतु तबाही के मंजर ने लोगों को बदहवास कर दिया है। नंदानगर की शुरुआती खबरों में बताया जा रहा है कि बलबीर सिंह, विनोद सिंह, प्रकाश सिंह, अवतार सिंह, सिबर सिंह, महिपाल सिंह बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
आपदा के बाद पूरे इलाके का संपर्क कट गया है। बादल फटने के साथ ही इलाके में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, इस कारण आवाजाही भी ठप है। सेरा में सड़क पर बने पेट्रोल पंप में भी मलबा भर गया है। बिजली न होने से मोबाइल भी वहां काम नहीं कर पा रहे हैं।





