देहरादून,
उत्तराखण्ड पुलिस ने नशे के खिलाफ़ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। विगत तीन वर्षों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 3431 मुकदमे दर्ज कर 4440 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 681 किलो चरस, 649 किलो डोडा, 61 किलो अफीम, 59 किलो हेरोइन, 4954 किलो गांजा, और 7 लाख से अधिक नशीली गोलियाँ, कैप्सूल व इंजेक्शन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 208 करोड़ रुपये आँकी गई है।
पुलिस के अनुसार हाल के वर्षों में एमडीएमए व सिंथेटिक ड्रग्स का चलन बढ़ा है।
चम्पावत में एसटीएफ ने ईशा नामक महिला के कब्जे से 5.6 किलो एमडीएमए, जबकि ऊधमसिंह नगर में अभियुक्त कुणाल कोहली से एमडीएमए व भारी मात्रा में रासायनिक पदार्थ बरामद किए गए।
फार्मा कम्पनियों पर भी शिकंजा कसते हुए देहरादून व हरिद्वार में छापेमारी के दौरान लाखों नशीले कैप्सूल, सिरप व टैबलेट बरामद किए गए।
चण्डीगढ़ एनसीबी की कार्रवाई में जे.आर. फार्मा कम्पनी सिडकुल हरिद्वार से बनी 2.5 लाख प्रतिबन्धित गोलियाँ भी जब्त की गईं।
उत्तराखण्ड पुलिस ने कहा है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही युवाओं को जागरूक कर नशामुक्त समाज की दिशा में अभियान जारी





